रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren ने नगर विकास एवं आवास विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा है कि नदियों, तालाबों, डैम और अन्य जलस्रोतों पर हुए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ युद्ध स्तर पर कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जलस्रोत क्षेत्रों में बने अवैध घरों और संरचनाओं की पहचान कर नोटिस दिया जाए, अतिक्रमण नहीं हटाने वालों पर प्राथमिकी दर्ज की जाए और अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नदी किनारे और जलस्रोतों पर कब्जा पर्यावरण और जल निकासी व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि नदी, डैम, तालाब और अन्य जलस्रोत क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न करें।
बैठक में मुख्यमंत्री ने रांची सहित राज्य के सभी रिंग रोड के आसपास सोलर पैनल लगाने और सोलर स्ट्रीट लाइट स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अगले 15 दिनों में प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट से मंजूरी लेकर कार्य शुरू करने को कहा।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों के प्रत्येक घर, अपार्टमेंट, होटल और हाउसिंग सोसाइटी में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और वेस्ट वाटर मैनेजमेंट की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी के जरिए शहरों को स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल बनाया जाए।
मुख्यमंत्री ने राजधानी में स्थित Kanke Dam के संरक्षण के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने, डैम में गिरने वाले नालों को बंद करने और कैचमेंट एरिया की घेराबंदी कराने का भी निर्देश दिया। साथ ही बरसात से पहले सड़क किनारे लगे पेड़ों की ट्रिमिंग और जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान पर जोर दिया।
