गुरुनानक विद्यालय में आज पेरेंट्स-टीचर्स मीटिंग (PTM) के साथ एक आकर्षक ‘आर्ट एंड क्राफ्ट प्रदर्शनी ‘का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करना था।
प्रदर्शनी में “नर्सरी से लेकर कक्षा पाँच तक के विद्यार्थियों उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसका शुभारंभ कक्षा प्रेप के विद्यार्थियों ने एक बड़े ही मनमोहक स्वागत नृत्य से किया ।
नर्सरी से प्रेप के विद्यार्थियों ने बेकार कागज और अन्य अनुपयोगी सामग्री का रचनात्मक उपयोग करते हुए फूल, पत्तियां, तितली, सूरज, मधुमक्खी, खरगोश, बादल, पक्षी, फूलदान, फलों के मॉडल, पौधों की बेलें तथा विभिन्न मानव आकृतियां जैसी सुंदर कलाकृतियां तैयार कीं।
छोटे बच्चों की कल्पनाशक्ति को तीन प्रमुख विषयों—“Space Junction”, “Fairy Tale World” और “Garden Theme” के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। इन विषयों के माध्यम से बच्चों ने अंतरिक्ष, परियों की काल्पनिक दुनिया और प्रकृति एवं बगीचे की सुंदरता को अपनी कलाकृतियों में जीवंत रूप दिया।
कक्षा 1 और 2 के विद्यार्थियों ने मिट्टी (Clay) का उपयोग करते हुए अनेक रंग-बिरंगी और आकर्षक कलाकृतियां तैयार कीं। मिट्टी से बनाए गए फूलों के गमले, सजावटी पात्र, फल-सब्जियों के मॉडल, छोटे पक्षी, मानव आकृतियां, पौधे और प्रकृति से जुड़ी विभिन्न आकृतियां प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण रहीं।
कक्षा 3- 5 के विद्यार्थियों एक बहुत ही आकर्षक नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन किया गया, जो एंगर मैनेजमेंट थीम पर आधारित थी कि कैसे हम वर्तमान स्थिति और परिवेश में अपने आप को क्रोध रहित रख सकते हैं ।
हाथी संरक्षण विषय को भी अपनी प्रदर्शनी का केंद्र बनाया। बच्चों ने हाथियों के संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा का संदेश देते हुए अपनी रचनात्मक कलाकृतियों के माध्यम से लोगों को पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक किया।
इसके अतिरिक्त आधुनिक तकनीक से जुड़े हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के शैक्षिक एवं रचनात्मक उपयोग को प्रदर्शित किया गया इसके अलावा मनोभाव, आकृतियों को प्रदर्शित किया ।
पैटर्न संख्या और मैप के माध्यम से गणित की मूल अवधारणाओं को कला से जोड़ा गया।
सभीअभिभावकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और बच्चों द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों की सराहना की। अभिभावकों ने कहा कि इस तरह की गतिविधियां बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मकता, प्रकृति प्रेम और सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति के सभी सदस्य , विद्यालय की प्रधानाचार्य और मुख्य अध्यापिका उपस्थित थी।
उन्होंने बच्चों के इस प्रयास की सराहना की और उनका उत्साहवर्धन किया ।
