रांची: शहर के बीचोंबीच उस वक्त हलचल मच गई जब बीती रात करीब 9 बजे रांची एयरपोर्ट के सामने दुर्लभ प्रजाति का सांप ‘रेड सैंड बोआ’ देखा गया। सांप के दिखने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत बॉन्ड ऑफ वाइल्डलाइफ फाउंडेशन के सदस्य रमेश कुमार महतो को जानकारी दी।
सूचना मिलते ही रमेश कुमार महतो मौके पर पहुंचे और पूरी सावधानी के साथ सांप का सफल रेस्क्यू किया। इसके बाद इस दुर्लभ प्रजाति को सुरक्षित रूप से रांची जू को सौंप दिया गया, जहां उसकी देखभाल की जाएगी।
रमेश कुमार महतो ने बताया कि रेड सैंड बोआ आमतौर पर राजस्थान के रेगिस्तानी क्षेत्रों और उत्तर प्रदेश-राजस्थान सीमा के इलाकों में पाया जाता है। यह छिपकली और चूहों जैसे छोटे जीवों को खाकर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने यह भी बताया कि इस प्रजाति की दुर्लभता के कारण इसकी तस्करी भी की जाती है। रेड सैंड बोआ ‘वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972’ के तहत संरक्षित है। ऐसे में इसे पकड़ना, नुकसान पहुंचाना या तस्करी करना कानूनन अपराध है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।
