नई दिल्ली/भोपाल, 22/9/26। राजनीतिक रणनीतिकार, लेखक एवं समाजसेवी डॉ. अतुल मलिकराम को सामाजिक सरोकार, जनसेवा और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में कार्य करने के लिए नई दिल्ली में वर्ल्ड कल्चर एंड एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन कमीशन द्वारा आयोजित ‘भारतीय पद्म विभूषण सम्मान 2026-27’ से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान समाज, शिक्षा, साहित्य, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण, पर्यावरण संरक्षण, उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए दिया गया। सम्मान मिलने पर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा कि यह उनके लिए गौरव और कृतज्ञता का विषय है तथा यह सम्मान सामाजिक सरोकारों, जनसेवा और समाज के लिए सकारात्मक योगदान देने के उनके संकल्प को और मजबूत करता है।
डॉ. मलिकराम ने कहा, “यह सम्मान मेरे लिए केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उन सामाजिक सरोकारों और जनसेवा के प्रयासों का सम्मान है, जिनसे मैं लंबे समय से जुड़ा रहा हूं। समाज में सकारात्मक बदलाव केवल बड़े अभियानों से नहीं, बल्कि जरूरतमंद व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने, युवाओं को सही दिशा देने, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी बढ़ाने और सामाजिक विषयों पर निरंतर संवाद करने से आता है। मेरा प्रयास हमेशा यही रहा है कि अपने लेखन, राजनीतिक रणनीति और सामाजिक कार्यों के माध्यम से उन मुद्दों को सामने लाया जाए, जिन पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है। यह सम्मान मुझे आगे भी समाज और पर्यावरण के लिए और अधिक जिम्मेदारी एवं प्रतिबद्धता के साथ काम करने की प्रेरणा देता है। मैं इसे अपने साथ जुड़े सभी सहयोगियों, शुभचिंतकों और उन लोगों को समर्पित करता हूं, जिन्होंने सामाजिक कार्यों की इस यात्रा में मेरा साथ दिया है।”
गौरतलब है कि डॉ. मलिकराम राजनीतिक रणनीति के क्षेत्र में सक्रिय रहने के साथ ही सामाजिक विषयों पर निरंतर लेखन और जनजागरूकता के कार्यों से भी जुड़े हुए हैं। वे सतत विकास, शिक्षा, भूख, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक समानता जैसे विषयों को लेकर लंबे समय से अपनी बात सार्वजनिक मंचों पर रखते रहे हैं। सामाजिक क्षेत्र में उनके प्रयासों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए डे-केयर सेंटर्स की स्थापना, मेरी पहचान अभियान के माध्यम से स्ट्रीट वेंडर्स और मोची भाइयों के लिए ब्रांडिंग सहयोग, बेजुबान पक्षियों और जानवरों के लिए दानापानी जैसे अभियान भी शामिल हैं। उनके द्वारा लिखी गई दिल से, दिल ज़रा, दिल विल, माय दिल गोज जैसी किताबें गरीबी, भूख, शिक्षा, जेल व्यवस्था और सामाजिक विकास जैसे विषयों पर केंद्रित हैं।
डॉ. मलिकराम द्वारा शुरू किए गए 2030 का भारत अभियान के माध्यम से शून्य भुखमरी, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे सतत विकास लक्ष्यों को लेकर विभिन्न सामाजिक पहलों पर काम किया जा रहा है। अभियान के तहत शिक्षक प्रशिक्षण, जरूरतमंद समुदायों के सहयोग और सामाजिक पुनर्वास जैसे विषयों को भी शामिल किया गया है। पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में भी उनकी सक्रियता रही है। बता दें कि फरवरी 2026 में उन्होंने ब्यूरो वेरिटास सर्टिफिकेशन द्वारा आयोजित कार्बन फुटप्रिंट एवं जीएचजी एकाउंटिंग संबंधी टेक्निकल वर्कशॉप भी पूरी की है।
