नाई समाज एवं उसके पारंपरिक व्यवसाय को कथित तौर पर आपत्तिजनक और अपमानजनक तरीके से प्रस्तुत करने वाले भोजपुरी गीत-वीडियो के प्रसारण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामले में नाई समाज विकास समिति, रांची की केंद्रीय कमिटी ने साइबर थाना में लिखित शिकायत देकर प्राथमिकी दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
समिति का आरोप है कि “बाप चलावे सैलून, बेटी दिखावे बैलून” शीर्षक वाला गीत/वीडियो सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर तेजी से प्रसारित किया जा रहा है। समिति के अनुसार, वीडियो में नाई समाज और उसके पारंपरिक व्यवसाय सैलून को आपत्तिजनक, अश्लील और सामाजिक रूप से अपमानजनक संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है, जिससे समाज के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
शिकायत में साइबर थाना से वीडियो के मूल स्रोत, निर्माता, गायक, गीतकार, संगीतकार, अपलोडर और संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान करने की मांग की गई है। साथ ही समिति ने आपत्तिजनक सामग्री को कानूनी प्रक्रिया के तहत हटाने और इसे दोबारा प्रसारित करने वाले अकाउंट या लोगों की भी जांच करने की मांग की है।
समिति ने डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और जांच में अपराध की पुष्टि होने पर भारतीय न्याय संहिता, 2023, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की है।
नाई समाज विकास समिति का कहना है कि समाज अपने पारंपरिक व्यवसाय के जरिए लंबे समय से लोगों की सेवा करता आ रहा है। ऐसे में किसी समुदाय या उसके पारंपरिक व्यवसाय को कथित तौर पर अश्लील अथवा अपमानजनक रूप में प्रस्तुत करना सामाजिक सम्मान और गरिमा से जुड़ा विषय है।
समिति ने प्रशासन से निष्पक्ष और शीघ्र जांच करते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऐसी सामग्री के प्रसार को रोकने और जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के दौरान समिति के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रमाणिक, महासचिव दिनेश चन्द्र प्रमाणिक, कोषाध्यक्ष उमाकांत गौतम, संरक्षक शिवशंकर हजाम समेत केंद्रीय कमिटी के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
