रांची, 2 अगस्त। रांची पुलिस के सौजन्य से डोरंडा थाना द्वारा रविवार को दिशोम गुरु शिबू सोरेन सामुदायिक भवन, पोखर टोली रोड, मणिटोला में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान के तहत एक विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों ने भाग लेकर नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, नशे की लत से प्रभावित लोगों एवं बच्चों को उपचार तथा नशा मुक्ति (रिहैबिलिटेशन) केंद्रों तक पहुँचाने के लिए प्रेरित करना और उन्हें सामान्य जीवन की मुख्यधारा से जोड़ने का संदेश देना था।
इस अवसर पर डोरंडा थाना प्रभारी अभिनंदन कुमार, अरगोड़ा अंचल कार्यालय के अंचल निरीक्षक अरविंद उपाध्याय, सब इंस्पेक्टर पवन यादव, वरिष्ठ सामाजिक एवं धार्मिक कार्यकर्ता आशुतोष सिंह, युवा झारखंड फाउंडेशन के संस्थापक अरशद कुरैशी, अल-अमन कमिटी के मो. मोईन, मोमिन पंचायत मणिटोला के सदर जुल्फिकार अली भुट्टो, डोरंडा नर्सिंग होम के संचालक हाजी राजू, न्यू काली पूजा समिति के अध्यक्ष शंभू गुप्ता, डोरंडा महापंचायत के सदर शमीम अख्तर, सचिव मो. रिजवान, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता नजीबुल्लाह खान, समाजसेवी मो. नसीम उर्फ लाल, मिल्लत पंचायत डोरंडा के सचिव आतिफ अंसारी सोनू, वरिष्ठ पत्रकार मोहम्मद परवेज, मोहम्मद अंजार, मो. फारूक, विष्णु गाड़ी, अकील अख्तर, दिलावर हुसैन, मो. अफ़ज़ल, मो. शादाब, मो. सिंटू सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने नशे से होने वाले सामाजिक, शारीरिक एवं मानसिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति का जीवन ही नहीं, *बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है।
इसलिए नशे के विरुद्ध जनजागरूकता, सामाजिक सहभागिता और सामूहिक प्रयास अत्यंत आवश्यक हैं।
इस दौरान लोगों से अपील की गई कि वे अपने आसपास नशे की लत से जूझ रहे लोगों को तिरस्कृत करने के बजाय उन्हें उपचार एवं पुनर्वास के लिए प्रेरित करें। साथ ही बच्चों और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए परिवार, समाज और प्रशासन के संयुक्त प्रयास पर बल दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने नशे से दूर रहने, दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने तथा “नशा छोड़ें, जीवन संवारें” के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का सामूहिक संकल्प लिया।
