जंगली हाथी के हमले ने ली जान, मानव-हाथी संघर्ष रोकने को जागरूकता सबसे बड़ा हथियार

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राँची: ओरमांझी थाना क्षेत्र के हतवाल गांव निवासी 70 वर्षीय जयपाल महतो उर्फ झापा का जंगली हाथी के हमले में घायल होने के बाद इलाज के दौरान निधन हो गया। वे पिछले शुक्रवार से राँची के रिम्स अस्पताल में भर्ती थे, जहां बुधवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही हतवाल, महुआपतरा और आसपास के गांवों में शोक की लहर फैल गई।
जानकारी के अनुसार, बीते शुक्रवार सुबह एक जंगली हाथी गांव में घुस आया था। ग्रामीण हाथी को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास कर रहे थे, तभी हाथी अचानक उग्र हो गया और लोगों पर हमला कर दिया। इस दौरान 70 वर्षीय जयपाल महतो समय रहते वहां से नहीं निकल सके और हाथी ने उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।
घटना के बाद ग्रामीणों की मदद से उन्हें तत्काल रिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन कई दिनों तक चले इलाज के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी।
जयपाल महतो अपने पीछे दो बेटे मनीराम और धनीराम सहित पूरे परिवार को छोड़ गए हैं। पिता की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और गांव में मातम का माहौल है।
घटना के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल सरकारी मुआवजा, आर्थिक सहायता और परिवार के पुनर्वास की मांग की है। साथ ही क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे मानव-हाथी संघर्ष पर प्रभावी कार्रवाई की मांग भी उठाई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथियों की लगातार आवाजाही के बावजूद वन विभाग की ओर से पर्याप्त और स्थायी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

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