झारखंड की राजनीति में अज़ान को लेकर दिए गए बयान पर युवा विधानसभा अध्यक्ष आसिफ इमाम ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था और परंपराओं पर इस तरह की टिप्पणी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे समाज में अनावश्यक विवाद पैदा होता है।
आसिफ इमाम ने बाबूलाल जी पर निशाना साधते हुए कहा, “बाबूलाल जी, आप इंसान से शैतान बन चुके हैं। अज़ान के बारे में बोलकर आपने खुद को शैतान से भी बदतर साबित कर दिया है।” उन्होंने कहा कि अज़ान इस्लाम धर्म की एक पवित्र परंपरा है, जो सदियों से चली आ रही है और इसे लेकर इस तरह की राजनीति करना सही नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि शायद बाबूलाल जी को यह मालूम नहीं है कि पूरी दुनिया में ऐसा कोई पल नहीं होता जब कहीं न कहीं अज़ान की आवाज़ न गूंज रही हो। दुनिया के एक छोर से दूसरे छोर तक हर वक्त अज़ान होती रहती है और इंशाल्लाह यह सिलसिला कयामत तक जारी रहेगा। यह केवल एक धार्मिक परंपरा ही नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और विश्वास से जुड़ा हुआ विषय है।
आसिफ इमाम ने कहा कि कुछ नेता अपनी खत्म होती राजनीति को बचाने के लिए ऐसे संवेदनशील मुद्दों को उठाते हैं, ताकि समाज में विभाजन पैदा हो और उन्हें राजनीतिक लाभ मिल सके। लेकिन झारखंड की जनता अब सब समझ चुकी है और ऐसी राजनीति को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान हमेशा से भाईचारे, आपसी सम्मान और गंगा-जमुनी तहज़ीब से रही है। यहां अलग-अलग धर्मों और समुदायों के लोग सदियों से मिलजुल कर रहते आए हैं। ऐसे में हिंदू–मुस्लिम, मस्जिद–मंदिर, अज़ान–प्रार्थना जैसे मुद्दों को उछालकर समाज को बांटने की कोशिश करना राज्य की एकता और शांति के खिलाफ है।
आसिफ इमाम ने बाबूलाल जी को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें ऐसी बयानबाज़ी से बचना चाहिए और झारखंड के विकास, युवाओं के भविष्य, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। जनता को बांटने की राजनीति अब ज्यादा दिन चलने वाली नहीं है।
अंत में उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता शांति, भाईचारे और एकता में विश्वास रखती है। किसी भी कीमत पर राज्य की अस्मिता और सामाजिक सौहार्द को नुकसान नहीं पहुंचने दिया जाएगा। सभी नेताओं को जिम्मेदारी के साथ बयान देना चाहिए ताकि समाज में सद्भाव और एकता बनी रहे।
