एस.एस. राजामौली ने लॉन्च की भारत की सबसे उन्नत- ए एंड एम मोशन कैप्चर लैब, फिल्म ‘वाराणसी’ के महत्वपूर्ण दृश्य नागार्जुन के अन्नपूर्णा स्टूडियो में फिल्माए गए
हैदराबाद में स्थापित यह सुविधा, अक्किनेनी नागार्जुन और शोभू यारलागड्डा के सहयोग तथा एनिमैट्रिक की तकनीकी भागीदारी के साथ, भारतीय फिल्मकारों को पहली बार विश्वस्तरीय परफॉर्मेंस कैप्चर तकनीक प्रदान कर रही है
मुंबई, फरवरी 2026: भारतीय फिल्म निर्माण की दुनिया में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। देश के सबसे प्रतिष्ठित और अग्रणी मनोरंजन संस्थानों में से एक, अन्नपूर्णा स्टूडियो ने भारत की अब तक की सबसे उन्नत मोशन कैप्चर सुविधा शुरू की है। यह पहल भारतीय सिनेमा के रचनात्मक और तकनीकी विस्तार की दिशा में एक अहम् उपलब्धि मानी जा रही है। ‘ए एंड एम मो-कैप लैब’ नाम से स्थापित यह सुविधा अभिनेता अक्किनेनी नागार्जुन के अन्नपूर्णा स्टूडियो और दूरदर्शी निर्माता शोभू यारलागड्डा की मिहिरा विज़ुअल लैब्स की साझेदारी का परिणाम है। इस सुविधा को हॉलीवुड की प्रमुख मोशन कैप्चर तकनीकी कंपनी एनिमैट्रिक फिल्म डिज़ाइन का सहयोग प्राप्त है।
25 फरवरी को मशहूर निर्देशक एस.एस. राजामौली ने इस सुविधा का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि उनकी आगामी फिल्म ‘वाराणसी’, जिसमें महेश बाबू और प्रियंका चोपड़ा जोनस मुख्य भूमिकाओं में हैं, के कुछ अहम् दृश्य इसी तकनीक से शूट किए गए हैं। साथ ही, उन्होंने इस मोशन कैप्चर लैब की पहली झलक साझा करते हुए कहा कि किस तरह यह तकनीक भारतीय सिनेमा की भव्यता और रचनात्मक महत्वाकांक्षाओं को नई दिशा दे रही है।
राजामौली, जिन्होंने इससे पहले अन्नपूर्णा स्टूडियो में भारत की पहली डॉल्बी सिनेमा प्रोसेसिंग सुविधा भी लॉन्च की थी, ने कहा कि यह नई मोशन कैप्चर सुविधा भारतीय फिल्मकारों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण का प्रतिनिधित्व करती है।
उन्होंने कहा, “भारत में हमेशा से ही दुनिया के सर्वश्रेष्ठ तकनीशियन रहे हैं, जिन्होंने वैश्विक फिल्मों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, मगर हमारे अपने देश में ऐसी अत्याधुनिक सुविधा का अभाव रहा है। जब मैं अपनी पिछली फिल्मों जैसे ‘बाहुबली’ और ‘ईगा’ को याद करता हूँ, तो लगता है कि यदि तब यह तकनीक भारत में उपलब्ध होती, तो उन्हें और बेहतर बनाया जा सकता था।“
उन्होंने आगे कहा, “अब ए एंड एम की इस मोशन कैप्चर टेक्नोलॉजी से वह कमी पूरी हो गई है। इससे भारतीय फिल्मकार अपनी कहानियों को नए तरीके से सोच और रच सकेंगे, वह भी बिना विदेशी तकनीक पर निर्भर हुए। मैं दुनिया भर में कई मोशन कैप्चर सुविधाएँ देख चुका हूँ, लेकिन ए एंड एम जो पेश करता है, वह सटीकता और परफॉर्मेंस का बेहतरीन मेल है। हमने ‘वाराणसी’ के अहम् सीक्वेंस की शूटिंग में इस सुविधा का इस्तेमाल किया और इसके नतीजे वाकई शानदार रहे।“
अभिनेता नागार्जुन अक्किनेनी ने इस मोशन कैप्चर सुविधा को भारतीय सिनेमा के सफर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
उनके अनुसार, “भारतीय फिल्मकार लंबे समय से वैश्विक स्तर की भव्य कहानियाँ प्रस्तुत करना चाहते थे, लेकिन उन्नत तकनीक तक पहुँच हमेशा चुनौती रही। अन्नपूर्णा स्टूडियो में हमारा लक्ष्य हमेशा रचनात्मकता और तकनीक को साथ लाकर फिल्म निर्माण को आगे बढ़ाना रहा है। ऐसे दौर में, जब भारतीय सिनेमा वैश्विक दर्शकों तक अपनी पहुँच को और भी मजबूत कर रहा है, हमने मानक को और उच्च स्तर प्रदान करने का लक्ष्य रखा। ए एंड एम मोशन कैप्चर सुविधा के साथ अब फिल्मकार भव्य एडवेंचर कहानियों से लेकर जटिल साइंस फिक्शन ड्रामा तक, हर तरह की कल्पनाओं को यहीं हैदराबाद में साकार कर सकते हैं।
‘बाहुबली’ के निर्माता शोभू यारलागड्डा ने सहयोग को भारत में विश्वस्तरीय फिल्म निर्माण अवसंरचना तैयार करने की दीर्घकालिक दिशा में अहम् कदम बताया।
उन्होंने कहा, “यदि भारतीय सिनेमा को सच में वैश्विक स्तर पर टक्कर देना है, तो हमें देश में ही उन्नत तकनीकी पारिस्थितिकी तैयार करनी होगी। अन्नपूर्णा स्टूडियो में स्थापित यह मोशन कैप्चर सुविधा रचनात्मक महत्वाकांक्षा और तकनीकी उत्कृष्टता को एक साथ लेकर आती है। मिहिरा लैब्स में हमारा ध्यान हमेशा से फिल्मकारों को ऐसे उपकरण उपलब्ध कराने पर रहा है, जो अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरें और अन्नपूर्णा स्टूडियो तथा एनिमैट्रिक के साथ साझेदारी हमें ठीक वही करने में सक्षम बनाती है। एस.एस. राजामौली जैसे फिल्मकार को ‘वाराणसी’ के लिए हमारी ए एंड एम मोशन कैप्चर सुविधा का उपयोग करते देख हमारा यह विश्वास और मजबूत होता है कि भारतीय कहानी कहने का भविष्य देश में विकसित नवाचारों से ही संचालित होगा।
एनिमैट्रिक फिल्म डिज़ाइन, जिसने ‘एवेंजर्स: एंडगेम’ और ‘स्पाइडर-मैन: नो वे होम’ जैसी हॉलीवुड ब्लॉकबस्टर फिल्मों में अपनी विशेषज्ञता दी है, के प्रेसिडेंट और सीटीओ ब्रेट इनसन ने कहा कि अब भारत की बारी है अत्याधुनिक तकनीक को अपनाने की, जो भारतीय फिल्मकारों से उभर रही भव्य और बड़े पैमाने की कहानी कहने की शैली को और सशक्त बनाने में मदद करती है।
उनके मुताबिक, “यह सहयोग फिल्मकारों को अधिक प्रभावशाली और भावनात्मक रूप से समृद्ध कहानियाँ वैश्विक मानकों पर प्रस्तुत करने में सक्षम बनाएगा।”
अन्नपूर्णा स्टूडियो के सीटीओ सी.वी. राव ने इस सुविधा की तकनीकी विशेषज्ञता और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पर प्रकाश डाला।
इस अत्याधुनिक वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर निर्देशक और सिनेमैटोग्राफर कैमरा ब्लॉकिंग, लेंस चयन, कैमरा मूवमेंट और फ्रेम रेट जैसे पहलुओं का परीक्षण कर सकते हैं। इससे मुख्य शूटिंग शुरू होने से पहले ही मोशन कैप्चर चरण में महत्वपूर्ण रचनात्मक फैसलों को अंतिम रूप दिया जा सकता है। इससे न सिर्फ काम की गुणवत्ता बेहतर होती है, बल्कि लाइव शूटिंग के दौरान महँगे ट्रायल-एंड-एरर कम होने से समय और लागत दोनों की बचत भी होती है।
यह मोशन कैप्चर सुविधा ऐसे समय आई है, जब अन्नपूर्णा स्टूडियो ने भारतीय सिनेमा में अपने 50 साल पूरे किए हैं। आगे चलकर स्टूडियो का लक्ष्य भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय फिल्मकारों, गेम डेवलपर्स और एनीमेशन स्टूडियो के साथ मिलकर एशिया में विश्वस्तरीय गुणवत्ता और गति के साथ प्रोडक्शन सहयोग उपलब्ध कराना है।
