मांदर भेंट कर आदिवासी समाज को दी करम पूजा की अग्रिम बधाई, कहा—“डोना दीजिए, लेकिन कोना मत दीजिए
रांची, 15 सितंबर। करम पूजा के पावन अवसर पर लोहरदगा विधायक एवं पूर्व मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने मंगलवार को राजधानी रांची के डोरंडा स्थित कुसाई बस्ती एवं बड़ा घाघरा पहुंचकर आदिवासी समाज के लोगों को मांदर भेंट किया तथा करम पूजा की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि करम पर्व आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, प्रकृति और पूर्वजों की परंपराओं से जुड़ाव का महत्वपूर्ण पर्व है।
डॉ. रामेश्वर उरांव ने कहा कि आदिवासी समाज को अपनी जल, जंगल और जमीन से जुड़ाव बनाए रखने के साथ-साथ अपनी संस्कृति, परंपरा और सभ्यता को भी मजबूती से संरक्षित करना होगा। उन्होंने कहा कि आज के बदलते दौर में अपनी जड़ों को भूलना नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी अपनी परंपराओं और अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।
उन्होंने विशेष रूप से जमीन की सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि आदिवासी समाज को अपनी जमीन के महत्व को समझना होगा। यह जमीन उनके पूर्वजों की धरोहर है, जिसे आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “डोना दीजिए, लेकिन कोना मत दीजिए।” डॉ. उरांव ने कहा कि अपनी जरूरतों के लिए जमीन का उपयोग करें, लेकिन अपनी पुश्तैनी जमीन और अस्तित्व के आधार को किसी भी कीमत पर समाप्त न होने दें।
उन्होंने कहा कि करम पर्व हमें प्रकृति के प्रति सम्मान, भाईचारे, सामूहिकता और अपनी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने का संदेश देता है। मांदर आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है और इसके माध्यम से परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे भी उपस्थित थे। उन्होंने भी करम पूजा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत झारखंड की पहचान है और इसे संरक्षित एवं संवर्धित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वार्ड 48 के पार्षद अमित मिंज ने की। मौके पर पाहन रिझू कच्छप,राजेश एक्का,रीतेश सिंह,अश्विनी कुमार,मेंहुल दूबे सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एवं समाज के लोग उपस्थित थे।
