निःशुल्क कांवरिया सेवा शिविर के समापन कार्यक्रम में शामिल हुईं मंत्री दीपिका पांडेय सिंह

Spread the love

देवघर: झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह देवघर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित निःशुल्क कांवरिया सेवा शिविर के समापन कार्यक्रम में शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने शिविर की सफलता में योगदान देने वाले कार्यकर्ताओं एवं सहयोगियों को सम्मानित करते हुए उनकी सेवा, समर्पण और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

मंत्री ने कहा कि श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और व्यवस्थाओं के दबाव के बीच प्रशासन ने पूरी तत्परता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाई। देवघर की जनता, सरकार, प्रशासन तथा सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने भी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि भादो माह में भी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। इसे देखते हुए प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहते हुए श्रद्धालुओं और कांवरियों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने एमएमडीआर संशोधन विधेयक को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक बार फिर झारखंड के अधिकारों और प्राकृतिक संसाधनों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि झारखंड देश के सबसे समृद्ध खनिज राज्यों में से एक है, लेकिन राज्य का लगभग ₹1.36 लाख करोड़ का रॉयल्टी बकाया आज भी एक बड़ा मुद्दा है। वहीं सेस के माध्यम से मिलने वाली 14 हज़ार करोड़ की राशि से राज्य की कई महत्वपूर्ण जनहितकारी योजनाएं संचालित होती हैं।

मंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद झारखंड सरकार मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना सहित कई जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से जनता को सशक्त बनाने का काम कर रही है। ऐसे समय में केंद्र सरकार को राज्यों के अधिकार और संसाधन मजबूत करने चाहिए, न कि उन्हें कमजोर करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर राज्यभर में विरोध प्रदर्शन किया गया है और कांग्रेस माननीय राहुल गांधी जी के नेतृत्व में झारखंड के अधिकारों की लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक पूरी मजबूती के साथ लड़ेगी।

मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई मामलों में वर्षों तक कार्रवाई चलने के बावजूद कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आता, जिससे उनकी निष्पक्षता को लेकर जनता के मन में सवाल उठते हैं। उन्होंने चंदा चोरी के मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि आस्था और विश्वास के नाम पर जुटाए गए धन के उपयोग को लेकर यदि सवाल उठते हैं तो सरकार को जवाब देना चाहिए।

पीएम केयर्स फंड को लेकर उन्होंने कहा कि जनता को यह स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए कि फंड में कितनी राशि आई और उसका उपयोग कहां एवं किस उद्देश्य के लिए किया गया। उन्होंने सरकारी संसाधनों के कथित राजनीतिक प्रचार और महिमामंडन में उपयोग को लेकर भी निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *