अयातुल्ला खामेनेई की शहादत की याद में रांची में विरोध जुलूस

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अयातुल्ला अली खामेनेई जिंदा बाद और अमेरिका, इज़राइल मुर्दाबाद के नारे लगे

रांची: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत की खबर से पूरी दुनिया में शोक की लहर है। रांची भी इससे अछूता नहीं है। जाफरिया मस्जिद के इमाम व खतीब हजरत मौलाना सैयद तहजीबुल हसन रिजवी ने जुहर की नमाज अदा करने के बाद मस्जिद में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई सिर्फ शियाओं के लीडर ही नहीं थे, बल्कि वे मुस्लिम राष्ट्र की एकता के अलंबरदार थे। आज भी कुछ लोग मुसलमानों के भेष में यहूदियों और नसारा के पैरवी करते दिख रहे हैं। जिन्हें अपने ईमान का ठिकाना नहीं है, वे अयातुल्ला खामेनेई पर उंगली उठा रहे हैं। ये सभी अधार्मिक लोग हैं। अयातुल्ला अली खामेनेई की शहादत से मजलूमियत को बहुत नुकसान हुआ है। जाफरिया मस्जिद से विरोध जुलूस निकाला गया। यह विक्रांत चौक पहुंचा और अमेरिका और इज़राइल मुर्दाबाद के नारे लगे। और अयातुल्ला खामेनेई ज़िंदाबाद के नारे से गूंज उठा। हज़रत मौलाना सैयद तहिजुल हसन रिज़वी ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील किया कि दूसरे देशों में फंसे भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने की गुज़ारिश की। इस जुलूस में अंजुमन जाफरिया और मस्जिद जाफरिया के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस मौके पर सैयद नेहाल हुसैन सरियावी अशरफ हुसैन रिज़वी, एसएच फातेमी, सैयद शाहरुख हसन रिज़वी, जुहैर बाकर, फ़राज़ अहमद, इकबाल हुसैन, शब्बर फातेमी, सैयद अत्ता इमाम रिज़वी, सुरूर रज़ा, फ़राज़ अब्बास, हसनैन ज़ैदी, नदीम खान, हाजी फिरोज जिलानी और सैकड़ों अन्य लोग मौजूद थे।

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