मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने किया सरस मेला 2026 का उद्घाटन, महिला उद्यमियों को मिला बड़ा मंच

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ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडे सिंह की गरिमामयी उपस्थिति में रांची के मोराबादी मैदान में राजकीय हस्तकरघा एवं सरस मेला 2026 का उद्घाटन किया गया। यह मेला राज्य के कारीगरों, बुनकरों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और उन्हें व्यापक बाजार से जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रहा है।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में विभागीय अधिकारी, बुनकर, कारीगर तथा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएँ उपस्थित रहीं। मेले में देशभर से आए कारीगरों और उद्यमियों के 650 स्टॉल लगाए गए हैं, जहाँ खादी, हस्तकरघा, हस्तशिल्प और ग्रामीण उत्पादों की विविधता देखने को मिल रही है। यह सरस मेला आगामी 20 दिनों तक चलेगा, जिससे लोगों को देश के विभिन्न राज्यों की कला, संस्कृति और शिल्प परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।

मेले में देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ कुछ विदेशी स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र हैं। यहाँ खादी और हस्तकला से जुड़े उत्पादों के साथ ग्रामीण उद्योगों की समृद्ध परंपरा को प्रदर्शित किया जा रहा है।

मेले के दौरान पारंपरिक लोक नृत्य, गायन व वादन, हिंदी गायन, नृत्य नाटिका, आधुनिक फोक गायन तथा बैंड की प्रस्तुति भी आयोजित की जाएगी, जो मेले को सांस्कृतिक रूप से और भी जीवंत बनाएगी।

इस अवसर पर जेएसएलपीएस, पलाश, मुख्यमंत्री लघु कुटीर उद्योग, झारक्राफ्ट, झारखंड हस्तकरघा एवं हस्तशिल्प निदेशालय सहित विभिन्न सरकारी संस्थाओं के स्टॉल भी लगाए गए हैं, जहाँ राज्य की योजनाओं और उत्पादों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

इस मौके पर मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने कहा,

“प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से महिला उद्यमियों का इस मेले में आना हमारे लिए गर्व और प्रेरणा की बात है। सरकार का स्पष्ट प्रयास है कि झारखंड के पारंपरिक उद्योग, हस्तशिल्प और घरों में महिलाओं द्वारा बनाए जाने वाले उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें उनके परिश्रम का उचित मूल्य मिल सके और उनका उद्यम आगे बढ़े।

इसी सोच के साथ उद्योग विभाग और JSLPS के माध्यम से ‘पलाश’ ब्रांड की स्थापना की गई। यह पहल माननीय मुख्यमंत्री जी के उस विज़न का हिस्सा है, जिसमें झारखंड की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए उनके उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने का लक्ष्य है।

आज JSLPS से जुड़ी लाखों महिलाएँ सखी मंडलों के माध्यम से न केवल आजीविका कमा रही हैं, बल्कि अपने कौशल, मेहनत और नवाचार के दम पर नए उद्यम खड़े कर रही हैं। पलाश ब्रांड के तहत झारखंड के हस्तशिल्प, हथकरघा, खाद्य उत्पाद और वन आधारित उत्पाद अब देश के बड़े बाजारों तक पहुँच रहे हैं।

इस मेले में देश के कोने-कोने से बुनकर और उद्यमी आए हैं, लेकिन इसका मुख्य आकर्षण JSLPS से जुड़ी हमारी सखी मंडल की बहनें हैं। यहाँ लगे 110 स्टॉल इन्हीं बहनों के हैं, जो अपने उत्पादों के माध्यम से झारखंड की समृद्ध परंपरा, कला और उद्यमिता की पहचान को सामने रख रही हैं।

आज ये बहनें केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं कर रहीं, बल्कि झारखंड की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचा रही हैं। सरकार का संकल्प है कि इन महिला उद्यमियों को प्रशिक्षण, बाजार, तकनीक और वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनका उद्यम और अधिक सशक्त हो और झारखंड महिला सशक्तिकरण का एक मजबूत मॉडल बनकर उभरे।”

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