भाजपा द्वारा लगाए जा रहे आरोपों को सिरे से खारिज कर बताया बेबुनियाद
जुगसलाई की सौहार्दपूर्ण परंपरा को बिगाड़ने वालों को नहीं किया जाएगा बर्दाश्त: हिदायतुल्लाह खान
चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने वालों पर चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग
जमशेदपुर/जुगसलाई: आज झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी द्वारा उन पर लगाए जा रहे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें पूरी तरह बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा की स्थिति उस कहावत जैसी हो गई है—“उल्टा चोर कोतवाल को डांटे”, जो उन पर पूरी तरह सटीक बैठती है।
उन्होंने आगे कहा कि भाजपा के लोग जुगसलाई की शांति और भाईचारे को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं और उन पर निराधार आरोप लगा रहे हैं। जबकि सभी ने देखा है कि 23 फरवरी को हुए चुनाव के दौरान सेंट जॉन स्कूल में भाजपा के लोगों द्वारा लगभग दो घंटे तक चुनावी प्रक्रिया को बाधित किया गया और लोकतंत्र का मजाक उड़ाया गया। उस समय वहां मौजूद अधिकांश लोग जुगसलाई के बाहर के थे।
उन्होंने भाजपा जिला अध्यक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यह सर्वविदित है कि वे जुगसलाई के निवासी नहीं हैं। जब चुनाव आयोग द्वारा यह निर्देश जारी कर दिया गया था कि जो लोग जुगसलाई के निवासी नहीं हैं, वे क्षेत्र छोड़ दें, तो फिर ऐसी स्थिति में भाजपा जिला अध्यक्ष वहां क्या कर रहे थे? विभिन्न बूथों के सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि वे बूथों पर मौजूद थे, जो चुनाव आयोग के निर्देशों का खुला उल्लंघन है।
उन्होंने आगे कहा कि सेंट जॉन स्कूल से हंगामा करने के बाद भाजपा के लोग धर्मशाला रोड पहुंचे और वहां भी लगभग एक घंटे तक चुनावी प्रक्रिया को बाधित किया। इस पूरे घटनाक्रम में शामिल अधिकतर लोग जुगसलाई के बाहर के थे।
हिदायतुल्लाह खान ने कहा कि जुगसलाई हमेशा से शांति और भाईचारे की मिसाल रहा है, जहां सभी धर्मों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं। ऐसे में बाहर से आए कुछ लोग यहां का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन इसके बावजूद जुगसलाई के लोगों ने एकता और सौहार्द बनाए रखा।
उन्होंने कहा कि भाजपा जिन तस्वीरों का हवाला देकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रही है, उनमें दिख रहे लोग उनके साथ नहीं थे, बल्कि उनके समर्थक थे। जब वे अपनी पत्नी के साथ उस बूथ के पास से गुजर रहे थे, तब उनके समर्थक वहां आए और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि यदि भाजपा किसी भी बूथ के अंदर उनके प्रवेश का प्रमाण दे दे, तो वे सजा भुगतने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के लोग विभिन्न बूथों में जाकर चुनावी माहौल को खराब करने का प्रयास कर रहे थे। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि ओडिशा के पूर्व राज्यपाल रघुवर दास 22 फरवरी की रात जुगसलाई में क्या कर रहे थे, इसकी जांच कर कार्रवाई की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि रघुवर दास जैसे वरिष्ठ नेता चुनाव के दौरान उम्मीदवारों को प्रलोभन देने का काम कर रहे थे, जिससे संबंधित कई ऑडियो भी वायरल हुए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि गड्डू सिंह जब उम्मीदवार ही नहीं हैं, तो वे विभिन्न बूथों पर क्या कर रहे थे, इस पर भी चुनाव आयोग को संज्ञान लेकर जांच करनी चाहिए। इसके अतिरिक्त उन्होंने एक कुख्यात अपराधी का उल्लेख करते हुए कहा कि वह चुनाव से पहले जुगसलाई के व्यापारियों को धमका रहा था। ऐसे ऑडियो भी सामने आए हैं, जिनमें वह साफ तौर पर कह रहा है कि यदि गड्डू सिंह की पत्नी को वोट नहीं दिया गया तो अंजाम अच्छा नहीं होगा।
अंत में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार और मनगढ़ंत हैं। जुगसलाई में सभी धर्मों के लोग हमेशा से मिल-जुलकर रहते आए हैं और आगे भी रहेंगे। बाहरी तत्वों द्वारा माहौल बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां रामनवमी, मुहर्रम, दुर्गा पूजा और होली जैसे सभी त्योहार मिल-जुलकर मनाए जाते हैं और आगे भी इसी परंपरा को कायम रखा जाएगा।
