रांची : लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) ने रांची में एडु लीडर्स कॉन्क्लेव शिक्षा एवं छात्र विकास के भविष्य पर विचार-विमर्श किया। 2026 का सफल आयोजन किया। इस सम्मेलन में शैक्षणिक समुदाय के प्रमुख व्यक्तित्वों ने भाग लिया और
कार्यक्रम में लगभग 65 स्कूल प्रिंसिपल, 6 डायरेक्टर और 20 वरिष्ठ शिक्षकों ने भाग लिया, जिससे क्षेत्रीय शिक्षकों की मजबूत भागीदारी देखने को मिली। सम्मेलन में शिक्षा के नए रुझानों, शिक्षण विधियों में नवाचार और शिक्षकों एवं रक्षा कर्मियों के योगदान को मान्यता देने पर विशेष ध्यान दिया गया। इस मौक़े पर मुख्य अतिथि अनिल पाल्टा, डायरेक्टर जनरल (रेलवे), झारखंड थे, और कार्यक्रम की अध्यक्षता शेखर वर्मा, जोनल मैनेजर, LPU ने की.
इस अवसर पर दो प्रमुख छात्रवृत्ति योजनाओं का शुभारंभ किया गयाः
“एलपीयू शिक्षक सम्मान अनुदान” शिक्षकों के बच्चों के लिए “एलपीयू रक्षक सम्मान अनुदान” रक्षा एवं सीएपीएफ कर्मियों के बच्चों के लिए
एलपीयू की प्रमुख पहल “एडु-रिवॉल्यूशन” को भी प्रदर्शित किया गया, जो अनुभवात्मक शिक्षा, उद्योग समेकन, लचीले पाठ्यक्रम और कौशल-आधारित शिक्षा पर केंद्रित है। विश्वविद्यालय ने विजन 2047 की रूपरेखा भी साझा की, जिसका उद्देश्य भारत के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों के अनुरूप सक्षम और सामाजिक रूप से जिम्मेदार स्नातकों का निर्माण है। कार्यक्रम के दौरान अरुण मलिक ने “कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर सुरक्षा जागरूकता के माध्यम से बच्चों की शिक्षा को सशक्त बनाना” विषय पर एक सत्र आयोजित किया, जिसमें ऐ-संचालित शिक्षा और डिजिटल सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया गया। कार्यक्रम का सचालन नितेश कुमार मिश्रा, रीजनल मैनेजर, एलपीयू के मार्गदर्शन और नितिन कुमार के नेतृत्व में किया गया। झारखंड टीम में अजीत कुमार, रोशन पांडेय, महेश केडिया और अभय दिवेदी ने कार्यक्रम के सफल समन्वय और क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाई। प्रतिभागियों ने एलपीयू की पहलों की सराहना की और इसे शिक्षकों और रक्षा परिवारों को सशक्त बनाने की दिशा में प्रगतिशील कदम बताया। यह सम्मेलन सवाद, सहयोग और नवाचार का एक महत्वपूर्ण मच साबित हुआ, जिसने उच्च शिक्षा को उन्नत बनाने और राष्ट्र निर्माण में एलपीयू की प्रतिबद्धता को पुष्ट किया।
