लापता अंश–अंशिका केस में बड़ा कदम , झारखंड CID ने जारी किया Hue & Cry नोटिस

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झारखंड की राजधानी रांची से रहस्यमय तरीके से लापता हुए दो मासूम भाई–बहन अंश और अंशिका की तलाश में रांची पुलिस अब तक कोई ठोस सफलता हासिल नहीं कर सकी है। समय बीतने के साथ परिजनों की चिंता और हताशा लगातार बढ़ती जा रही है, वहीं, इस मामले को लेकर आम लोगों में भी गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब झारखंड सीआईडी ने देशभर की पुलिस से सहयोग की अपील की है। सीआईडी रांची के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मनोज कौशिक ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के डीजीपी, पुलिस आयुक्त एवं आईजी को ह्यू एंड क्राई नोटिस जारी किया है। इसके तहत सभी थानों, आउट पोस्ट और बीट हाउसों में दोनों बच्चों की जानकारी प्रसारित कर जांच और पूछताछ के निर्देश दिए गए हैं।

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दोनों बच्चे भोजपुरी भाषा बोलते हैं

सीआईडी द्वारा भेजे गए पत्र में बताया गया है कि यह मामला रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र का है, जहां धुर्वा थाना कांड संख्या 01/2026 दिनांक 03 जनवरी 2026 को दर्ज की गई है। मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत दर्ज है और इसकी जांच की निगरानी झारखंड सीआईडी कर रही है। लापता बच्चों में पहला नाम अंश कुमार है, जिसकी उम्र लगभग 5 वर्ष है। उसके पिता का नाम सुनील कुमार और माता का नाम नीतू कुमारी है। अंश की लंबाई करीब 3 फीट, रंग गोरा, बाल काले हैं तथा बाएं हाथ पर तिल का निशान है। वह भोजपुरी भाषा बोलता है। दूसरी बच्ची अंशिका कुमारी है, जिसकी उम्र करीब 4 वर्ष बताई गई है। उसके पिता सुनील कुमार और माता नीतू कुमारी हैं। अंशिका की लंबाई लगभग 2.5 फीट, रंग गोरा, बाल काले हैं। वह भी भोजपुरी भाषा बोलती है। बताया गया है कि वह पैरों में पायल और चप्पल पहने हुई थी।

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जानकारी देने वाले को 51 हजार रुपए का इनाम

सीआईडी ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को दोनों बच्चों के बारे में कोई भी जानकारी, उनकी मौजूदगी या किसी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि का पता चलता है, तो वह तुरंत सीआईडी झारखंड, रांची को सूचना दे। इसके लिए ईमेल आईडी control-cid@jhpolice.gov.in तथा मोबाइल नंबर 9771432139 जारी किया गया है। सही और पुख्ता जानकारी देने वाले को 51 हजार रुपए का इनाम दिया जाएगा।

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लोगों में पुलिस के प्रति भारी आक्रोश

बता दें कि बच्चों के लापता हुए 10 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार और बस्ती के लोगों में पुलिस के प्रति भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि पुलिस ने समय रहते गंभीरता से कार्रवाई की होती तो आज बच्चे सुरक्षित घर लौट आते। बस्तीवासियों के अनुसार, 2 जनवरी को करीब 1.30 बजे दोनों बच्चे घर से निकले थे। परिजनों ने लगभग दो से तीन घंटे तक खुद बच्चों की तलाश की। इसके बाद शाम करीब छह बजे वे धुर्वा थाना पहुंचे, लेकिन आरोप है कि पुलिस ने तत्काल खोजबीन शुरू करने के बजाय परिजनों से तरह–तरह के सवाल पूछने में समय गंवाया। परिजनों का कहना है कि पुलिस की शुरुआती लापरवाही के कारण ही आज यह स्थिति बनी हुई है।

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