रांची। रांची नगर निगम चुनाव 2026 की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू हो गई है। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सदर अनुमंडल दंडाधिकारी ने BNSS की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की है।सभा और हथियार पर पाबंदी
बिना अनुमति कार्यक्रम नहीं: कोई भी दल या उम्मीदवार बिना सरकारी इजाजत के सभा, जुलूस या धरना नहीं दे सकेगा।
हथियार पर रोक: जुलूस या सार्वजनिक स्थान पर किसी भी प्रकार के घातक हथियार (जैसे लाठी, भाला, तीर-धनुष या लाइसेंसी हथियार) लेकर चलने या उनके प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक है।
छूट: यह नियम ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और धार्मिक परंपरा (सिखों की कृपाण/नेपालियों की खुखरी) पर लागू नहीं होगा।शोर और लाउडस्पीकर के नियम
रात में सन्नाटा: रात 10:00 बजे से सुबह 06:00 बजे तक लाउडस्पीकर या प्रचार गाड़ियों का इस्तेमाल मना है।
अनुमति जरूरी: दिन में भी लाउडस्पीकर बजाने के लिए लिखित परमिशन लेनी होगी और आवाज 75 डेसिबल से कम रखनी होगी।प्रॉपर्टी और प्रचार सामग्री
सरकारी संपत्ति: सरकारी बिल्डिंगों, सड़कों या खंभों पर पोस्टर चिपकाना, झंडे लगाना या नारा लिखना मना है। ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई होगी।
निजी संपत्ति: किसी के घर या दीवार पर पोस्टर या झंडा लगाने से पहले मालिक की लिखित अनुमति लेना अनिवार्य है।
प्रदूषण: प्लास्टिक या पॉलिथीन से बने बैनर-पोस्टर का उपयोग नहीं किया जाएगा।सोशल मीडिया और व्यवहार
भड़काऊ संदेश: व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर या इंस्टाग्राम पर किसी भी व्यक्ति, धर्म या जाति के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी या गलत संदेश पोस्ट करना दंडनीय है।
धार्मिक स्थल: मंदिर, मस्जिद, चर्च या गुरुद्वारे का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जा सकता।
शांति भंग: 5 या उससे ज्यादा लोग किसी भी गलत मकसद या शांति बिगाड़ने के लिए एक जगह जमा नहीं होंगे। रांची में धारा-163 लागू | जानें क्या करें और क्या नहीं
नगर निगम चुनाव 2026: रांची में धारा-163 लागू | जानें क्या करें और क्या नहीं
रांची। रांची नगर निगम चुनाव 2026 की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता (Model Code of Conduct) लागू हो गई है। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सदर अनुमंडल दंडाधिकारी ने BNSS की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की है।
आदेश की मुख्य बातें
🚫 सभा और हथियार पर पाबंदी
बिना अनुमति कार्यक्रम नहीं: कोई भी दल या उम्मीदवार बिना सरकारी इजाजत के सभा, जुलूस या धरना नहीं दे सकेगा।
हथियार पर रोक: जुलूस या सार्वजनिक स्थान पर किसी भी प्रकार के घातक हथियार (जैसे लाठी, भाला, तीर-धनुष या लाइसेंसी हथियार) लेकर चलने या उनके प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक है।
छूट: यह नियम ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और धार्मिक परंपरा (सिखों की कृपाण/नेपालियों की खुखरी) पर लागू नहीं होगा।
🔇 शोर और लाउडस्पीकर के नियम
रात में सन्नाटा: रात 10:00 बजे से सुबह 06:00 बजे तक लाउडस्पीकर या प्रचार गाड़ियों का इस्तेमाल मना है।
अनुमति जरूरी: दिन में भी लाउडस्पीकर बजाने के लिए लिखित परमिशन लेनी होगी और आवाज 75 डेसिबल से कम रखनी होगी।
🏠 प्रॉपर्टी और प्रचार सामग्री
सरकारी संपत्ति: सरकारी बिल्डिंगों, सड़कों या खंभों पर पोस्टर चिपकाना, झंडे लगाना या नारा लिखना मना है। ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई होगी।
निजी संपत्ति: किसी के घर या दीवार पर पोस्टर या झंडा लगाने से पहले मालिक की लिखित अनुमति लेना अनिवार्य है।
प्रदूषण: प्लास्टिक या पॉलिथीन से बने बैनर-पोस्टर का उपयोग नहीं किया जाएगा।
